- आज 12-12 घंटे का दिन-रात: उज्जैन की जीवाजी वेधशाला में वसंत संपात देखने पहुंचे छात्र-खगोलप्रेमी, आज से दिन होंगे लंबे
- 30 रोजों के बाद मनाई गई ईद: इंदिरा नगर ईदगाह में बड़ी संख्या में पहुंचे लोग, नमाज के बाद गले मिलकर बांटी खुशियां; पुलिस ने बढ़ाई सतर्कता
- शेषनाग मुकुट और मुण्ड माला से सजे बाबा महाकाल: तड़के भस्म आरती में भक्त हुए भाव-विभोर, ‘जय श्री महाकाल’ से गूंजा परिसर!
- उज्जैन में ‘नैवेद्य लोक’ बना नया फूड हब: CM ने किया था उद्घाटन, शाम 5 से रात 10 बजे तक लगेंगे फूड स्टॉल्स
- उज्जैन में चेटीचंड पर भव्य शोभायात्रा: CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी, झूलेलाल के जयकारे गूंजे
विक्रम विश्वविद्यालय ने फार्म जमा करने की तारीख बढ़ाई
विक्रम विश्वविद्यालय ने विभिन्न पाठ्यक्रमों की आगामी सेमेस्टर परीक्षाओं के परीक्षा फार्म जमा करने की तारीख में इजाफा किया है। दरअसल, १००० और ५०० के नोट बंद होने के बाद विद्यार्थियों को काफी परेशानी हो रही है। इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने छात्रहित में यह निर्णय लिया है। इस संबंध में विश्वविद्यालय में संशोधित अधिसूचना भी जारी कर दी है। बीए प्रथम व पंचम सेमेस्टर, बीएससी प्रथम व पंचम सेमेस्टर, बीकॉम, बीएचएससी, एमए, एमकॉम, एमएससी, एमएचएससी, एमएसडब्ल्यू आदि परीक्षाओं के प्रथम, तृतीय, पंचम और सप्तम सेमेस्टर के विद्यार्थी एमपी ऑनलाइन से 23 नवंबर तक बिना विलंब शुल्क के फॉर्म जमा कर सकते हैं। पहले बिना विलंब शुल्क के फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 20 नवंबर थी।
अब सौ रुपए के विलंब के साथ विद्यार्थी 24 से 25 नवंबर तक और 750 रुपए के विलंब के साथ 26 से 29 नवंबर तक फॉर्म जमा हो सकेंगे। इसके अलावा कुछ अन्य परीक्षाओं के फॉर्म जमा करने की तारीखें भी बदली गई हैं। बीए तृतीय सेमेस्टर, बीकॉम (ऑनर्स), बीए (ऑनर्स), बीएससी (ऑनर्स), बीबीए, बीफार्मा., एमबीए, पीजी डिप्लोमा इन योगा, एमएससी, पीजीडीसीएसए आदि सेमेस्टर प्रणाली के प्रथम, तृतीय, पंचम और सप्तम सेमेस्टर के विद्यार्थी 5 दिसंबर तक बगैर विलंब शुल्क के फॉर्म जमा कर सकेंगे।
सौ रुपए विलंब शुल्क के साथ 6 से 10 दिसंबर तक और 750 रुपए विलंब शुल्क के साथ 11 से 13 दिसंबर तक फॉर्म जमा होंगे। दो हजार रुपए के विशेष विलंब शुल्क के साथ 14 दिसंबर से परीक्षा शुरू होने के पांच दिन पहले तक फॉर्म जमा किए जा सकेंगे। बड़े नोटों के कारण दिक्कत १००० और ५०० के नोट पर प्रतिबंध लगने के बाद विद्यार्थियों को फीस जमा करने में आ रही परेशानी और कियोस्क संचालकों के खातों में भी रुपए नहीं होने की समस्या के कारण फॉर्म जमा करने की तारीखों में यह बदलाव किया गया है।